Best Yoga in hindi learn 2020

yoga in hindi : योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे है। योग एक सीधा विज्ञान है। प्रायोगिक विज्ञान है। योग है जीवन जीने की कला। योग एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। एक पूर्ण मार्ग है-राजपथ। दरअसल धर्म लोगों को खूँटे से बाँधता है और योग सभी तरह के खूँटों से मुक्ति का मार्ग बताता है।’-ओशो

yoga in hindi
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योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुँचना कठिन होगा। योग दर्शन या धर्म नहीं, गणित से कुछ ज्यादा है। दो में दो मिलाओ चार ही आएँगे। चाहे विश्वास करो या मत करो, सिर्फ करके देख लो। आग में हाथ डालने से हाथ जलेंगे ही, यह विश्वास का मामला नहीं है।

जैसे बाहरी विज्ञान की दुनिया में आइंस्टीन का नाम सर्वोपरि है, वैसे ही भीतरी विज्ञान की दुनिया के आइंस्टीन हैं पतंजलि। जैसे पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, वैसे ही समस्त दर्शनों, विधियों, नीतियों, नियमों, धर्मों और व्यवस्थाओं में योग श्रेष्ठ है।

योग के प्रकार और फायदे (Types of Yoga)

योग शास्त्रों के परम्परानुसार चौरासी लाख आसन हैं और जिनमे से आज 32 आसन सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। ये सभी 4 प्रकार के योगो के अंतर्गत आते है। इनका अभ्यास मानसिक, शारीरिक, और आध्यात्मिक रूप से स्वास्थ्य लाभ व उपचार के लिए किया जाता है।प्रमुख रूप से योग के 4 प्रकार है : – राज योग , कर्म योग , भक्ति योग , ज्ञान योगज्ञान योग (Gyana Yoga – Jnana Yoga):-योग की सबसे कठिन शाखा ज्ञान योग ही है इन योगो के द्वारा बुद्धि को विकसित किया जा सकता है | ज्ञान योग का प्रमुख काम व्यक्ति को ग्रंथों के अध्ययन द्वारा व मौखिक रूप से बुद्धि को ज्ञान के मार्ग की और अग्रसर करना है।

कर्म योग (Karma Yoga):-कर्म योग में सेवा भाव निहित है | इस योग के अनुसार आज वर्तमान में जो हम पा रहे है, जो भी हमारे साथ हो रहा है या जो हमें मिला है वह हमारे द्वारा पिछले जन्म के कर्मो का फल है | इसलिए यदि एक व्यक्ति अपने भविष्य को अच्छा बनाना चाहता है तो उसे वर्तमान समय में ऐसे काम करने चाहिए जिससे उस व्यक्ति का भविष्य अच्छे फल प्रदान करने वाला बने | कर्म योग स्वयं के काम पुरे करने और अपना भला ही सोचने से नहीं बल्कि दूसरों की सेवा करने से बनता है |

भक्ति योग (Bhakti Yoga):-भक्ति योग उस परमपिता परमेश्वर की तरफ ध्यान केन्द्रित करने का वर्णन करता है जिन्होंने इस संसार को बनाया है | भक्ति योग में भावनाओं को भक्ति की ओर केन्द्रित करने के बारे में बताया गया है |

राज योग (Raja Yoga) :-इस योग को अष्टांग योग भी कहते है इसमें आठ अंग है जो इस प्रकार है : आसन, प्रत्याहार( इन्द्रियों पर नियंत्रण), नियम , धारण, यम (शपथ लेना ), प्राणायाम, एकाग्रता और समाधि | राज योग में आसन योग को अधिक स्थान दिया जाता है क्योंकि यह आसन राज योग की शुरुवाती आसन क्रिया होने के साथ-साथ सरल भी है |

yoga in hindi
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Asth yoga

(1) यम

(2) नियम

(3) आसन 

(4) प्राणायाम 

(5) प्रत्याहार

(6) धारणा

(7) ध्यान

(8) समाधि।

उक्त आठ अंगों के अपने-अपने उप अंग भी हैं। वर्तमान में योग के तीन ही अंग प्रचलन में हैं- आसन, प्राणायाम और ध्यान।

योग के मानसिक लाभ (Mental Benefits of Yoga)

शारीरिक लाभों के अलावा, योग के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक मानसिक कल्याण भी है। तनाव कई मायनों में खुद को प्रकट करता है, जिसमें गर्दन या पीठ में दर्द, सिरदर्द, नींद की समस्या, दुरुपयोग, ड्रग्स और ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता शामिल है।

  1. ध्यान और सांस लेने की योग की संरचना किसी व्यक्ति की ताकत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। यह मानसिक शांति और स्पष्टता बनाने में सहायता करता है, पुराने तनाव से छुटकारा दिलाता है और एकाग्रता को तेज करता है।
  2. योगासनों से मन तारोताजा रहता है और बुद्धि की वृद्धि होती है।
  3. आपको खुश करता है
  4. आपको ध्यान केंद्रित करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है
  5. आपके तंत्रिका तंत्र को बनाए रखता है
  6. आपको बेहतर नींद में मदद करता है
  7. मन की शांति को मजबूत करता है
  8. मजबूत आंतरिक शक्ति प्रदान करता है
  9. मन में स्थिरता पैदा कर ध्यान केंद्रित करने की संकल्प शक्ति को बढ़ाते हैं।

योग करने का सबसे अच्छा समय? (Best Time To Do Yoga)

योग करने का सही समय सबसे जरूरी होता है। यहाँ दी गयी जानकारी के अनुसार आपको योग करने का सही समय चुनने में आसानी होगी। कोई भी चीज अगर समय से न की जाये तो हमें नुकसान पहुँचाती है और अगर नुकसान न पहुचाये तो ज्यादा फायदा भी नहीं होता इसी प्रकार अगर आप योग करने का सही समय चुनते हैं तो योग के फायदों का लाभ उठा पाते हैं।

योगासन करने का सबसे अच्छा समय सुबह नाश्ते से पहले है – जल्दी सुबह जागने के बाद, पेट साफ़ करने के बाद, और स्नान करने से पहले योग कर सकते है। यदि आप चाहें तो स्नान करने के बाद भी योग करके अपने दिन की शुरुआत कर सकते है। अगर आपको सुबह का समय पसंद नहीं है या आपको सुबह योग के लिए समय नहीं है तो आप शाम को सूर्यास्त के बाद योग कर सकते है पर हमेशा ये ध्यान रखना चाहिए की योगासन करते समय आपका पेट खाली हो या खाना खाने के 2-3 घंटे बाद योग का अभ्यास करे।

सीधे शब्दों में, योग करने का सबसे अच्छा समय वह समय है जो आपके लिए उपयुक्त है। क्योकि योग न करने से अच्छा है की आपके पास जो समय है आप उस समय में योगासन का अभ्यास शुरू करें वैसे तो योग का समय और जगह आपके कार्यक्रम के अनुसार आप बदल सकते है और आप उस समय भी इसका अभ्यास कर सकते हैं। जब आप दफ्तर या बाहर कही होते है तो भी योग कर सकते है क्योकि इसे छोड़ देने के बजाय कम करना पर करना जरूर चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सप्ताह के किस दिन में कौनसा आसन या किस जगह कर रहे है बस योग करे और इससे होने वाले फायदे का लाभ उठाये।

अंतिम शब्द: For yoga in hindi

उम्मीद है हमारे द्वारा दी हुई जानकारी yoga in hindi आपको बहुत पसंद आ रही हो क्योंकि हमारी कोशिश यही रहती है कि आपको जो भी जानकारी दी जाए वह हमेशा ही एक अच्छी सही और स्पष्ट जानकारी हो|

साथ में हमारी कोशिशें भी रहती है कि जो valuable yoga in hindi उससे आसपास की जो भी चीजें हूं जो भी जानकारी में आपको जरूर दी जाए जिससे कि आप अगर कुछ और पढ़ना चाहते हैं उसके बारे में वह भी जानकारी आपके यहां से ले सके आपको कहीं और भी जाने की जरूरत ना पड़े|

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