Upsarg Kise Kahate Hain

उपसर्ग किसे कहते हैं? भेद और उदाहरण – Upsarg Kise Kahate Hain

Upsarg Kise Kahate Hain: हेलो दोस्तो क्या आप भी हिंदी व्याकरण सिख रहे है। क्या आपको भी उपसर्ग के बारे में सही जानकारी ढूंढ रहे है। लेकिन आपको कही भी उपसर्ग के बारे में सही जानकारी नहीं मिली है। तो चिंता न करे दोस्तो। आज हम आपको इस आर्टिकल की मदद से उपसर्ग के बारे में पुरी जानकारी प्रदान करेंगे।

उपसर्ग क्या है। उपसर्ग के कितने प्रकार है। उपसर्ग के प्रकार के बारे में तो जानेंगे ही साथ में उसके उदाहरण के बारेमे भी जानेंगे। इसके लिए दोस्तो आपको इस आर्टिकल को पुरा अंत तक पढ़ना होगा तभी आपको उपसर्ग के बारेमे पुरी जानकारी मिलेगी। तो चलिए। जानते है उपसर्ग के बारे में।

उपसर्ग किसे कहते हैं?

जिस भी शब्द के आगे कोई नया शब्द जोड़ दे और उसका कोई नया ही अर्थ बन जाए उसे उपसर्ग कहते है।

उपसर्ग शब्द दो अलग-अलग शब्द से मिलकर बना है। जिसमें उप और सर्ग है। इसमें अप का अर्थ समीप या नजदीक होता है। और सर्ग का अर्थ सृष्टि करना ऐसा होता है। हमने यह तो जान लिया की किसे उपसर्ग कहते है और इसका अर्थ क्या होता है। अब हम उपसर्ग के उदाहरण के बारेमे जानते है।

उदाहरण:

आस+पास=आसपास

शयन+कक्ष=शयनकक्ष

प्रती+अर्पण=प्रत्यर्पण

अभी+मान=अभिमान

दूर+आचार=दुराचार

नि+योग=नियोग

वि+आ+करण=व्याकरण

राज+कुमार=राजकुमार

अ+सत्य=असत्य

उपसर्ग की विशेषता

छात्रों यहां हमने उपसर्ग के बारेमे और हमने उपसर्ग के कुछ उदाहरण के बारे में जानकारी प्राप्त की अब हम। उपसर्ग की तीन विशेषता के बारे में जानते है।

  1. किसी भी शब्द में नई विशेषता लाना और शब्द को नया रूप देना यह उपसर्ग की सबसे बड़ी विशेषता है।

जैसे: मान लीजिए प्रहार एक शब्द है। यह प्रहार शब्द भी दो शब्द के मिलन से बना है। ‘ प्र+हार ‘ इस तरह उपसर्ग शब्द को नई विशेषता देता है।

  • शब्द के अर्थ को उलट (शब्द का विरोधी अर्थ) देना। यानि की जो भी शब्द है। उसका एक नया अर्थ बना जाता है। उपसर्ग की सहायता से।

जैसे: दूर+आचार इन दोनो शब्द का अर्थ अलग अलग है लेकीन जब इन दोनो शब्द का मिलन होता है तो इन दोनो शब्द का अर्थ मायने नहीं रखता। इन दोनों शब्द से मिल कर जो नया शब्द बना है। वही मायने रखता है। दुराचार

  • शब्द के अर्थ में कुछ खास परिवर्तन नहीं करना। यानि की जो मूल शब्द है। उसके मिलते जुलते अर्थ होने चाहीए नई शब्द का भी।

जैसे: हमने एक शब्द लिया विशुद्ध जो वि और शुद्धि इन दो शब्द से मिलकर बना है।

प्रिय पाठोको यहां हमने उपसर्ग के बारे में कुछ विशेषता के बारे में जाना। आशा है आपको उपसर्ग के बारे में अच्छे से समझ आया होगा। अब हम उपसर्ग के कितने प्रकार है और वो कोन से प्रकार है। उनके बारे में जानते है।

उपसर्ग के प्रकार – Upsarg Ke Kitne Prakar Hote Hain

दोस्तो यहां हम उपसर्ग के प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके कितने प्रकार है। Un सभी प्रकार के क्या उदाहरण है। इस तरह की सारी जानकारी प्राप्त करेंगे।हिंदी व्याकरण में उपसर्ग के तीन प्रकार है। जो इस प्रकार है:-

1. संस्कृत उपसर्ग

2. हिंदी उपसर्ग

3. विदेशज उपसर्ग

1. संस्कृत उपसर्ग

संस्कृत उपसर्ग के 22 प्रकार है। जिसमे से हमने यहां नीचे 20 प्रकार के अर्थ और उनका नया शब्द उसकी जानकारी प्रदान की है।

(1) शब्द: प्र

अर्थ: गति, अधिक, आगे, उत्पत्ति

नया शब्द: प्रकोप, प्रदान, प्रलोक, प्रबल, प्रकाश, प्रजल, प्रमोद, प्रहार, प्रलय, प्रदूषण, प्रदेश, प्रताप, प्रकल, प्रमल, प्रगम

(2) शब्द: परा

अर्थ: उल्टा, पीछे, नाश

नया शब्द: पराजय, पराग, पराक्रम, पराभीषण, परालय

(3) शब्द: अप

अर्थ: दूर , ले जाना, हीनता

नया शब्द: अपमान, अपशय, अपराध, अपाकर्षण, अपहरण, अपजय, अपलय

(4) शब्द: सम

अर्थ: अच्छा, पूर्ण, साथ

नया शब्द: संतोष, संवाद, संसार, अनुराग, अनुवाद, अनुभव, अनुशेद

(5) शब्द: अव

अर्थ: अनादर हीनता, पतन, विशेषता

नया शब्द: अवकाश, अवनत, अवतार, अवमान, अवगत, अवशोषित

(6) शब्द: निस

अर्थ: रहित, पूरा, विपरीत

नया शब्द: निस्तार, इस्सार, निस्तेज, निष्कृति, निश्चय, निस्मय, निस्कर्ष

(7) शब्द: निर

अर्थ: बिना, बाहर, निषेध

नया शब्द: निराज, निरागल, निरम, निगल

(8) शब्द: दुस

अर्थ: बुरा, कठिन

नया शब्द: दुश्शासन, दुष्कर, दुस्साहस, दुस्तर, दुसाचार

(9) शब्द: दुर

अर्थ: कठिनता, दुष्टता, निंदा

नया शब्द: दुर्जन, दुराचार, दुर्लभ, दूरबीन, दुर्गंध, दुरजा

(10) शब्द: वि

अर्थ: भिन्नता, हीनता, असमानता

नया शब्द: वियोग, विवरण, विमान, विज्ञान, विनाश, विमान, विजाश, विनय, विगश

(11) शब्द: नि

अर्थ: निषेध, निश्चित

नया शब्द: निवारण, निपात, नियोग, निवास, नियति, निरलय, निराश, निकास, निमान

(12) शब्द: आ

अर्थ: तक, समेत, उल्टा

नया शब्द: आकण्ठ, आगमन, आरोहण, आकार, आकाश, आविधक्र

(13) शब्द: अति

अर्थ: अत्यधिक

नया शब्द: अतिशय, अत्याचार, अतिपात, अतिरिक्त

(14) शब्द: सु

अर्थ: उत्तमता, सुगमता, श्रेष्ठता

नया शब्द: सुगम, सूजन, सुकाल, सुलभ

(15) शब्द: उत

अर्थ: ऊँचा, श्रेष्ठ, ऊपर

नया शब्द: उत्कर्ष, उदय, उत्पति, उत्कृष्ट

(16) शब्द: अभि

अर्थ: सामने, पास, अच्छा

नया शब्द: अभिमुख, अभ्यागत, अभिप्राय, अभिकरण

(17) शब्द: परि

अर्थ: आस-पास, सब तरफ

नया शब्द: परिक्रमा, परिजन, परिणाम, परिमाण, परिजन

(18) शब्द: उप

अर्थ: निकट, सदृश, गौण, सहायता

नया शब्द: उपवन, उपकूल, उपकार, उपहार, उपार्जन, उपेक्षा, उपवास

(19) शब्द: प्रति

अर्थ: विशेषार्थ

नया शब्द: प्रतिकार, प्रतिज्ञा, प्रतिष्ठा, प्रतिदान, प्रतिरोध

2. हिंदी उपसर्ग

हिन्दी व्याकरण में उपसर्ग में अगर हम हिन्दी उपसर्ग की बात करे तो उसके 10 प्रकार है। उसके 10 प्रकार की जानकारी यहां नीचे दी हुईं है।

(1) शब्द: अ/अन

अर्थ: अभाव, निषेध

नया शब्द: अछूता, अचेत, अनमोल, अनपढ़

(2) शब्द: क/कु

अर्थ: बुराई, नीचता

नया शब्द: कुचाल, कुठौर, कपूत

(3) शब्द: अध

अर्थ: आधा

नया शब्द: अधपका, अधमरा, अधकचरा

(4) शब्द: औ/अव

अर्थ: हीनता, अनादर, निषेध

नया शब्द: अवगुण, औघट, ओढ़र

(5) शब्द: नि

अर्थ: निषेध, अभाव

नया शब्द: निडर, निकम्मा, निहत्था

(6) शब्द: भर

अर्थ: पूरा

नया शब्द: भरपेट, भरपूर, भरसक

(7) शब्द: सु/स

अर्थ: उत्तमता, साथ

नया शब्द: सुडौल, सुजान

 (8) शब्द: उन

अर्थ: एक कम

नया शब्द: उनचास, उनतीस, उनासी

(9) शब्द: दु

अर्थ: कम,बुरा

नया शब्द: दुबला, दुगना,

(10) शब्द: बिन

अर्थ: अभाव, बिना

नया शब्द: बिनदेखा, बिनबोला

3. विदेशज उपसर्ग

विदेशज उपसर्ग के 12 प्रकार है। यहां नीचे हमने सभी प्रकार को जानकारी सही से दी है। जो आपको आसानी से समझ में आ जाए। तो चलिए जानते है इसके बारे में।

(1) शब्द: कम

अर्थ: अल्प, हीन

नया शब्द: कमजोर, कमसिन

(2) शब्द: खुश

अर्थ: उत्तमता

नया शब्द: खुशबू, खुशहाल, खुशखबरी

(3) शब्द: गैर

अर्थ: निषेध, रहित

नया शब्द: गैरहाजिर, गैरकानूनी

(4) शब्द: दर

अर्थ: अन्दर, में

नया शब्द: दरअसल, दरहक़ीक़त, दरकार

(5) शब्द: ना

अर्थ: अभाव, रहित

नया शब्द: नालायक, नाजायज, पापसंद

(6) शब्द: ब

अर्थ: अनुसार

नया शब्द: बनाम, बदौलत

इसे भी पढ़े: समास किसे कहते हैं? भेद, परिभाषा, उदाहरण

(7) शब्द: बद

अर्थ: हीनता

नया शब्द: बदतमीज, बदबू

(8) शब्द: बर

अर्थ: पर

नया शब्द: बरवक्त, बरखास्त

(7) शब्द: बा

अर्थ: से

नया शब्द: बाकायदा, बाकलम

(8) शब्द: बिला

अर्थ: बिना

नया शब्द: बिलाअक्ल , बिलारोक

(9) शब्द: बे

अर्थ: अभाव

नया शब्द: बेईमान, बेवकूफ, बेहोश

(10) शब्द: ला

अर्थ: अभाव, बिना

नया शब्द: लाजवाब, लावारिस, लापरवाह

(11) शब्द: सर

अर्थ: श्रेष्ठ

नया शब्द: सरताज, सरपंच, सरनाम

(12) शब्द: हम

अर्थ: साथ

नया शब्द: हमदर्द, हमसफर, हमउम्र, हमराज

दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल की सहायता से उपसर्ग के बारेमे पुरी जानकारी हासिल की। इसमें हमने उपसर्ग के बारे में जाना उपसर्ग के कितने प्रकार है। उन सभी प्रकार के बारे में भी जाना। हम आशा करते है की हमने जो भी जानकारी इस आर्टिकल में दी है वो आपको समझ में आई होगी। अगर आपका कोई सवाल है तो नीचे comment बॉक्स में पुछ सकते है।

FAQs

हिंदी उपसर्ग कितने प्रकार के होते है?

हिंदी उपसर्ग10 प्रकार के होते है।

उपसर्ग के कोन से प्रकार है?

संस्कृत उपसर्ग, हिंदी उपसर्ग, विदेशज उपसर्ग  यह तीन उपसर्ग के प्रकार है।

उपसर्ग के कितने प्रकार है?

उपसर्ग के तीन प्रकार है।

क्या उपसर्ग हिंदी व्याकरण का एक प्रकार है?

जी हां उपसर्ग हिंदी व्याकरण का एक प्रकार है।

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