Prithvi vallabh – itihaas bhi, rahasya bhi

Prithvi vallabh: बात कर रहे है सन 972 की मालवा प्रांत में मूंछ नाम का राजा राज कर रहा था इतिहास जिसे वग्पति द्वितीय के नाम से जानता है|

परमार वंश का राजा अपने अच्छे कामों के कारण अपने प्रजाजनों में काफी लोकप्रिय था साथ ही अपनी सेना के दम पर उसने हुन का कलाचारी राज्य के साथ-साथ गुर्जर राजाओं को भी अपनी तलवार की धार दिखा दी इसी राज्य की सीमा पश्चिम में चालुक्य राज्य से सटी हुई थीl 

 इतिहास में पश्चिमी चालूक्य कहा जाता है च्लुक्य राज्य घराना काफी प्राचीन था और शुरुवात में उसकी राजधानी बदामी पर रास्त्र कुछ सत्ता के उदय उतकर्स के साथ उसके अधीन चले गये बाद में  200 साल के बाद लोगों ने गुजरात में लोगों ने गुजरात में रहते थे पश्चिमी चालूक्य के कहते थे कि तेलंगन  में बने राज्य को पूर्व चालूक्य कहा जाता था तब पश्चिम चालुक्य वंस का राजा था तैलंग द्वितीय तब परमार घरानों की लड़ाई हुई और तैलंग  को पराजित होना पड़ाl  

Prithvi Vallabh
Prithvi Vallabh

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कहा जाता है की  पृथ्वी वल्लभ ने 16 बार तैलंग  को हराया था पर फिर भी पृथ्वी वल्लभ अपने इस शत्रु को पूरी तरह से नहीं हरा पाए या उसका राज्य हरण करने में नाकाम रहा था दूसरी तरफ तैलब  प्रतिशोध की अग्नि  में तड़प रहा था तब उसने देवगिरि के यादव राजा भिलम द्वितीय से गठजोड़ बना ली उधर भी तैलंग पूरी तरह से खत्म करना चाहता था और इसी कारण पहली मुंज पहली  बार गोदावरी के दक्षिण में उतरा उसमें गोदावरी नदी को पार कर दक्षिण में सेना उतारीl  

 इस प्रदेश में नया था और उसी यादव और चालू की मिली-जुली सेना का अंदाज नहीं था गोदावरी नीचे महाराष्ट्र में हुई लड़ाई में पृथ्वी वल्लभ हार जाता है और साथ ही तैलब उसे बंदी बना लेता है यह कहानी है एक अलग मोड़ लेती है तैलब की जोगन बहन मृनालवती जो पहले पृथ्वी वल्लभ से नफरत करती थी वह उसकी  खून कीखून की प्यासी थी उससे प्रेम कर बैठती है पृथ्वी वल्लभ भी अपना दिल मृनालवती को दे देता हैl 

 उधर उसकी सेना किसी भी हाल में  कुछ भी करने के लिए तैयार अपने राजा को छुड़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं कुछ  योद्धा किसी तरह पृथ्वी वल्लभ मुंज  से संपर्क करते हैं और उसे छुड़ाने का एक बेहतरीन प्लान भी बनाते हैं पर राजा मुंज मृनालवती के प्यार  में पागल हो चुका था वह मृनालवती  को अपने साथ अपने राज्य ले जाना चाहता था और इसी खातिर वह पूरी योजना अपनी सखी मृनालवती बता देता हैl 

 यह कहानी में एक अलग मोड़ आता है मृनालवती मुंज  प्यार तो करती थी पर उसका साथ देने की बजाय वह पूरी योजना अपने भाई को बता देती है तब उसका भाई मुंज से सैनिको को खोज कर मार डालता है|

और राज्य शिस्ताचार की साडी हदे तोड़कर सारे शहर में पृथ्वी वल्लभ से भीख मंगवाता है  इतना होने के बाद भी उसका मन नहीं भरता करता है तो पृथ्वी वल्लभ को मार देता है  उसके बाद  उनका भतीजा राजा भोज परमार राज्य का राजा बनता है भोज सर्वकालीन महान राजाओं में से एक है और उसके नाम पर ही वर्तमान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बनी हैl 

 आपको हमारा ये पोस्ट कैसा लगा हमें कमेंट करता है यह पूरी तरह इतिहासिक है पृथ्वी वल्लभ की कहानी को कन्हैयालाल मुन्सी के उपन्यास से भी जाना जाता है इसपर फिल्म भी बन चूका है 

Conclusion: Prithvi vallabh in hindi

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