pollution in delhi essay in hindi

pollution in delhi essay : प्रदुषण आज के समय में विशव स्तरिय एक जटिल समस्या बन चूका है इससे कोई भी अछूता नहीं है विश्व का कोई भी देश हो या शहर हो या गाँव देहात का क्षेत्र हो सभी इससे परेशान हैं इसके चलते जलवायु पर बहुत बड़ा असर पड़ता है आज के समय में जो भी विकशित देश है उसमें ये समस्या बहुत ज्यादा बना हुआ हैl

जब से पुरे विश्व में नए उद्योग धंधे शुरू होने लगे हैं तभी से धीरे धीरे प्रदुषण में वृद्धि  होने लगी है औद्योगिक युग में लगातार बहुत  सारे कंपनी तथा फैक्ट्रियों से निकते धुँआ जो की वायुमंडल में घुल कर वायु को प्रदूषित करता है इसका बहुत बुरा असर हमारे जलवायु पार भी पड़ता हैl इसका सबसे ज्यदा श्रेय इस इस आधुनिक युग के विज्ञानं को भी जाता हैl

pollution in delhi essay in hindi
pollution in delhi essay in hindi

आय दिन नए नए अविष्कार के चलते विज्ञान आगे तो बढ़ता जा रहा है लेकिन इसके साथ साथ परेशानियाँ भी भी बढ़ती जा रही हैं भौतिक सुखों को भोगने के चक्कर में सारे पेड़ पौधे और जंगल की लगातार बढ़ती कटाई भी प्रदुषण का एक बहुत बड़ा कारण है दिल्ली के बढ़ते प्रदुषण का कारण वहां के लगातार तेजी से बढ़ता हुआ जनसंख्या भी हैl

दिल्ली में प्रदुषण के कारण(pollution in delhi essay cause)

दिल्ली देश की राजधानी होने के वजह से प्रतिदिन नए व्यवसाय के स्रोत शुरू किये जाते हैं जिससे कि उसे विकसित किया जा सके वहाँ जनसंख्या के लगातार बढ़ने की वजह से और रोजगार के लिए वहाँ काफी लोग बाहर से भी जाते है इस स्थिति में प्रदूषण का बढ़ना आम बात है जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं की दिल्ली एनसीआर में इतना ज्यादा प्रदूषण बढ़ गया है की वहां की हवा जहरीला हो गया है इस स्थिति में वहां रहना स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।

दिल्ली में सिर्फ हवा ही नहीं बल्कि पानी और मिटटी भी उतना ही ज्यदा प्रदूषित और जहरीला है जैसा की आप सभी लोग ये जानते हैं की बहुत सरे उद्योग धंधों और फक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी का  भी बहाव यमुना नदी में होता है आज के समय में अगर जमुना नदी के पानीको आप देखेंगे तो लगेगा जैसे की इसमें कोयला घुला हुआ है इसे पिने की तो सोचिए ही नहीं इतना जहरीला हो गया है की अगर किसी पौधे में डाल दिया जाए तो पौधा सुख जाता हैl

pollution in delhi essay in hindi

वही हाल वहां के मिटटी का भी है अगर हम बात करे मिटटी के बारे में तो वहां काफी ज्यदा मिटटी भी प्रदूषित है चारो तरफ फैले हुए फैक्ट्रियों से निकले हुए कचड़े प्लास्टिक और उससे बने हुए सामान वहां के सड़ते हुए कचड़े से केवल मिटटी ही नही उसके दुर्गन्ध हवा में घुल कर उसे भी प्रदुधित करने का प्रयास करते हैं वहां के मिटटी का उपजाऊ क्षमता भी बिलकुल कम हो गया है अगर सर्कार इस बात पर ध्यान नहीं देगी तो आने वाले समय में बहुत ही बुरा प्रभाव देखने को मिलेगाl

देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में करोड़ों की संख्या में लोग रहते हैं वहां बड़े उधोगपति और बिजनेश करने वाले लोगों के साथ बहुत सरे लोग रहते हैं जिन्हें प्रतिदिन अपने ऑफिस जाना होता है कुछ लोग अपने वाहन से तो कुछ सवारी गाड़ी से भी यात्रा करते हैं वहां करोदोंकी संख्या में वाहन भी मौजूद हैं जो प्रतिदिन इस्तेमाल किए जाते है उससे निकलने वाले धुएं से वायु तथा आवाज से ध्वनी प्रदुषण भी काफी होता हैंl

जब प्रदुसान का पारा ऊपर चढ़ गया तब वहां की तत्कालीन सर्कार ने प्रदुषण को कम करने के लिए आड और इवेन का फार्मूला इस्तेमाल किया लेकिन इससे भी ज्यदा कुछ लाभ देखने को नहीं मिला प्रदुषण को कम करने के क्षेत्र में सरकार कोई बेहतर कदम भी नहीं देखने को मिल रहा  हैl

आम तौर पार ये कहा जाता है की दीवाली के समय पटाखों से प्रदुषण बढ़ता है लिकिन ये बात पुर्णतः सही नहीं है केवल दिवाली से ही नहीं बकरीद जैसे त्योहार में भी जिसमे जानवरों को कटा जाता है उससे भी आने वाली बदबू और खून से हवा और पानी दुसित होता है इसके साथ ही नए साल के शुरू होने के ख़ुशी में भी काफी सरे पटाखे फोड़े जाते हैं जिससे भी बहुत जयादा प्रदुषण फैलता हैl

प्रदुषण से होने वाली बीमारी

जल प्रदुषण – क्या आप जानते हैं की हमारे शारीर में जल की मात्रा लगभग 70 प्रतिशत है अगर स्वक्ष जल का इस्तेमाल न किया जाए तो बहुत सारी बीमारियाँ शारीर के अंदर पनपने लगती हैंl 1

  • उल्टी दस्त
  • टाइफाइड
  • मलेरिया
  • पथरी
  • इन्सेफेलाइटिस
  • पीलिया  

इत्यादि की बीमारी होने की सम्भावना बढ़ जाती है इसलिए जल शुद्ध का शुद्ध होना बहुत जरुरी हैl

मृदा (भू) प्रदुषण से होने वाली बीमारी – कूड़ा कचरा फैक्ट्रियों से निकलते कचड़े प्लास्टिक खाद्य पदार्थो में दिए जाने वाले दवा और केमिकल भूमि के अन्दर जाकर मिटटी और उसके अन्दर से निकलने वाले जल को भी  दूषित करने का काम करते है जिसके वजह से कुछ भयानक भीमारी भी उत्पन्न होने लगती हैl

  • लीवर कैंसर
  • कोलोन कैंसर
  • ट्यूमर

जैसी कुछ और भी बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैl

दिल्ली में प्रदुषण को रोकने के उपाय

  • वहाँ रहने वाले और बाहर से जाने वाले लोगों को अपनी वाहन के प्रदुषण की जाँच करना चाहिएl
  • प्रदुषण को कम करने के लिए कचरा इधर उधर ना फेके और उसे उचित ढंग से नस्ट किया जाए l
  • लोगों को मोटर वाहन का उपयोग कम से कम करना चाहिए
  • घर के साथ साथ सभी को अपने आस पास भी सफाई का विशेस ध्यान रखना चाहिए   

conclusion : pollution in delhi essay

इस artical के माध्यम से हमने आपको pollution in delhi essay के बारे में बताया|आपको यह information कैसी लगी हमें जरुर बताये|

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