Great Panipat war explained

Panipat war: बाबर भारत में अपना छोटा सा राज्य बनाने में कामयाब हो गया था 20 सालों के बाद बाबर की मृत्यु के साथ ही एक भारतीय राजा शेर शाह सुरी उसी  राज्य को बाबर के बेटे को पराजित कर के छीन लिए शेर का राजा था इसी कारण था कि मृत्यु हो गई और फिर से अपना राज्य बना दिया अगले 10 सालों तक ठीक जा रहा था मुग़ल  दिल्ली तक  आ चुके थे पर शेरशाह के मरने के बाद उसके बंस्ज को  एक महान सेनापति हेमचंद्र मिल गया थाl 

पानीपत हरियाणा में है पानीपत का 5 नवंबर 1556 को हुआ था इसी स्थान पर हुए प्रथम युद्ध से 30 वर्ष पश्चात हुआ था इसके परिणाम ने भारत के इतिहास को एक नई दिशा में मोड़ कर रख दिया मुगलों का साम्राज्य जिसके नियम बाबर ने पानीपत के प्रथम युद्ध में जीत के पश्चात रखी थी वह साम्राज्य बाबर के पुत्र तथा उत्तराधिकारी हुमायूं के शासनकाल में डगमगा गया पानीपत के विशेष बात यह थीl

Panipat war
Panipat war

 उसमें लड़े गए युद्ध में मुगलों को रोचक तरीकों से जीत मिली पर भी अपनी छोटी सेना लेकर इब्राहिम लोदी को हराने में कामयाब हुआ था वहीं द्वितीय युद्ध में अकबर से 3 गुना ज्यादा से लेकर युद्ध में हार का मुंह देखना पड़ा प्रथम युद्ध बाबर ने मुगल साम्राज्य को खड़ा कर दिया था परंतु ज्यादा दिन तक शासन प्रशासन में बाबर की मृत्यु हो गई बाबर की मृत्यु के पश्चात गद्दी संभाली इतिहास लगाते हुए शासक के रूप में जाता हैl

Panipat war explanation in hindi…

 क्योंकि वह एक विशाल राज्य अपने पिता की सेना में कार्यरत कर रहे सैनिक शेरशाह सूरी से हार गया था शेरशाह सूरी ने अपनी कुशलता से हराकर उत्तर भारत पर अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया था 1540 में सूर्य साम्राज्य के संस्थापक बने शेरशाह सूरी मात्र 5 वर्ष शासन के 1545 राजपूतों से लड़ते हुए शेर की मृत्यु हो गईl

 यहीं से पानीपत के तृतीय युद्ध की शेरशाह सूरी के उत्तराधिकारी साम्राज्य के शासक आदिलशाह का हिंदू मंत्री हेमचंद्र विक्रमादित्य इतिहास के नाम से जानता है के समय तक सूर्यवंश को साबित हुए 16 वर्ष हो चुके थे इसी बीच खबर है इसका फायदा उठाना चाहती खबर काबुल में बैठ के संरक्षक बैरम खान को लगी तो उन्होंने अपनी छोटी से लेकर दिल्ली की तरफ कूच कर दियाl

 आक्रमणकारियों से निपटने के लिए तैयार बैठा था तथा वह भी अपनी सेना लेकर पानीपत की तरफ से 5 नवंबर 1556 को पानीपत में आमने-सामने आ गई अब तो युद्ध होने वाला था इतिहासउस समय के बुद्धिजीवी द्वारा एकतरफा माना जा रहा था क्योंकि हेमू की सेना अकबर से 3 गुना अधिक तथा उसके पास हाथी एवं तो होगा जखीरा मिला हेमू की जीत लगभग तय थी और शुरू में हुआ भी यही हेमू अकबर पर भारी पड़ने लगाl 

Panipat war 2
Panipat war 2

 अकबर का भाव होकर दिल्ली पर कुछ करने का फैसला समस्त साम्राज्य के अंत का कारण बनने वाला था जिन पर इतिहास की तस्वीर इस तरह से नहीं छपी जिस तरह से से सोचा जा रहा था अचानक लड़ते लड़ते हैं मुखी आंख में तीर लगा और वह अचेत होकर जमीन पर गिर गया हेमू की सेना को लगा कि वह मर चुका है और धीरे-धीरे यह बर्हिमुखी वीरता से लड़ रहे सेना के हौसले अपने नायक को मरा हुआ समझ गएl

तथा सैनिक मैदान छोड़कर भागने लगे अविश्वसनीय रूप से हो गई इस प्रकार डूबा हुआ मुगल साम्राज्य एक बार फिर दूसरी बार पानीपत ने मुगलों के भाग्य में राजयोग बैरम खान ने तो गला रेत कर मार डाला था उसके सभी शुभचिंतकों को दिल्ली में अकबर के पिता को धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर किया तथा उनके मना करने पर उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया यहां से मुगल साम्राज्य की शुरुआत हुई पानीपत के युद्ध से जुड़े कोई भी तथ्य अगर आपके पास है तो उसे हमारे साथ साझा करेंl  

अंतिम शब्द:Panipat war explanation in 2020

Panipat war for students: यह पोस्ट आपको कैसा लगा कमेंट करके हमें जरुर बताये| hindividyalaya पर ऐसे ही जानकारी वाले पोस्ट आपको मिलते रहेंगे|अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ जरुर share करे|

इस article में panipat war के बारे में जाना |

मेरे आपको हमारे द्वारा दी हुई सारी जानकारी panipat war topic बहुत पसंद आई होगी और सही भी होगी अगर आपको लगता है इसमें कोई त्रुटि है तो आप हमें हमारी सोशल मीडिया पर या हमें मैसेज ईमेल करके भी बता सकते हैं हम आपकी बातों को जरूर सुनेंगे।

अगर आपको Social networking sites and हमारे Social Media जैसे facebook , pinterest , linkedin , quora और HindiVidyalaya के साथ जुड़े रहे।

Thank you!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *