All about Kalidas|kavi kalidas kiske rajkavi the

kavi kalidas kiske rajkavi the| Start to know about kalidas : इसमें बात करने वाले हैं कालिदास के बारे में बतला रहे हैं आपको महाकवि कालिदास के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों को जिनके बारे में शायद आप लोग नहीं जानते होंगे तो चलिए फिर तो पहले बात करते हैं कालिदास किस काल में पैदा हुए थे |

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दोस्तों हमारे पास इस बात का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि कालिदास का प्राचीन भारत के किस समय में पैदा हुए थे विभिन्न इतिहासकारों के इस बारे में अलग-अलग मत हैं लेकिन दो मत काफी लोकप्रिय हैं पहला मत पहली सदी ईसा पूर्व का हैl

 जबकि दूसरा चौथी सदी ईसा पूर्व का पहली सदी ईसा पूर्व यानी कि आज से 2100 साल पहले के मत के अनुसार कालिदास उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के समकालीन थे और उनके राज दरबार में कबी के पद पर नियुक्त थेl महाकवि कालिदास को महाराज विक्रमादित्य के नवरत्नों में से 1 थेl 4 सदी ईसवी के मत के अनुसार कालिदास भारत का स्वर्ण युग कहे जाने वाले गुप्त काल में गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय और उनके उत्तराधिकारी कुमारगुप्त के समकालीन इतिहासकार इसी मत को को ज्यादा महत्व देते हैंl

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 अब बात करते हैं दोस्तों का जन्म स्थान के बारे में दोस्तों महाकवि कालिदास की तरह उनके जन्म स्थान के बारे में भी विवाद है उन्होंने अपने खंडकाव्य मेंघदूत में मध्यप्रदेश के उज्जैन का का विशेष वर्णन किया है जिसकी वजह से कई इतिहासकार उन्हें उज्जैन का निवासी मानते हैं साहित्यकारों ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया है दोस्तों की कालिदास का जन्म क्विल्था गांव में हुआ था जो आज के उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है क्विल्था गांव में सरकार द्वारा कालिदास की एक प्रतिमा स्थापित की गई है और एक सभागार का निर्माण भी करवाया गया है इस बारे में जून के महीने में 3 दिनों का एक साप्ताहिक गोष्ठी का आयोजन होता हैl

  अब बात करते कालिदास की जीवन की वह घटना की कैसे कालिदास पत्नी के अधिकार में के कारण मूर्ख से विद्वान बने थे दोस्तों की किद्वान्तियों के अनुसार कालिदास दिखने में तो सुंदर थे लेकिन आरंभ थे वह अनपढ़ और मुर्ख थे उनका विवाह सहयोग से विद्वात्मा  नाम की राजकुमारी से हुआ थाl हुआ यूं था दोस्तों विद्वात्मा ने तय कर रखा था कि उसे जो शास्त्रार्थ में हरा देगा उसके विवाह कर लेगी लेकिन बड़े-बड़े विद्वानों ने शास्त्र में नहीं हरा सकेl तथा इन प्रश्नों का उत्तर न दे पाया और मूर्ख और अनपढ़ कालिदास को आगे कर दिया जिसने के सारे में पूछे गए सवालों के जवाब में ही देने शुरू कर दिएl

उसको लग रहा था कि कालिदास इशारों में उनके प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं लेकिन उनकी सोच गलत थी जैसे ही विद्वात्मा अपना एक हाँथ दिखाया कालिदास को लगा की वो थप्पड़ दिखा रही है तो उन्होंने मुक्का दिखा दिया पंडितो ने कहा की सही बात है पांच तत्व के मिलने से ही मानव का निर्माण हुआ हैl

जैसे तैसे कर के दोनों की शादी करा डी कालिदास विवाह के बाद विद्वात्मा को सच्चाई पता चलती है कि कालिदास मूर्ख और अनपढ़ हैं वह कालिदास को धिक्कार कर घर से बाहर निकाल देती है और कहती है कि बिना पंडित बने घर वापस मत आना कालिदास को ग्लानि महसूस होती है और वह सच्चा पंडित बनने की ठान लेते हैं काली मां की सच्चे मन से आराधना करनी शुरू कर देते हैं और मां की ऊपर उनपर कृपा होती हैl

और वो ज्ञानी बन जाते हैं घर लौट कर जब वह दरवाजा पर अपनी पत्नी को आवाज लगाते हैं तो विदुत्मा आवाज पहचान जाती है कि कोई विद्वान व्यक्ति आया है इस तरह से दोस्तों पत्नी के डाटने पर एक मूर्ख और अनपढ़ महाकवि बन जाते हैं जीवन भर अपनी पत्नी को अपना पद पर गुरु मानते थे और अब बात करते हैं कालिदास की रचनाओं के बारे में तो जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया था कि साथ ऐसी रचनाएं हैं जिन्हें निर्विवाद रूप से कालिदास रचित माना जाता हैl

इन सात में से तीन नाटक हैं जिनके नाम हैं अभिज्ञान शकुंतलम, विक्रमो वर्सिय्म,मलिका गिनिमित्रम दो महाकाव्य रघुवंशम और कुमार बंसम और दो खंडकाव्य मेघदूत ऋतुसंहार कालिदास की रचनाओं के सिवाय रचनाएं और दोस्तों जिनका महाकवि कालिदास को ही दिया जाता है लेकिन कई विद्वानों का मानना है दोस्तों के नाम से ही की थी कवि और नाटककार के अलावा कालिदास ज्योतिष का विशेषज्ञ माना गया है माना जाता हैl

कि ज्योतिष पर आधारित पुस्तक कालिदास की रचना है दोस्तों कालिदास कितने प्रतिभाशाली कवि थे इस बात का पता इसी से लगता है कि उनके बाद हुए एक प्रसिद्ध कवि बाणभट्ट ने उनकी खुद प्रशांत आती है यहां तक कि दक्षिण के शक्तिशाली चालू के सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने 234 ईसवी के एक शिलालेख में कालिदास को महान कवि का दर्जा दिया हैl

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अपने समय के एक शक्तिशाली राजा के शिलालेख में कभी का वर्णन होना कोई छोटी बात नहीं है दोस्तों यह शिलालेख कर्नाटक राज्य के बाजीपुर के एक प्राचीन स्थान एवं में पाया गया था दोस्तों कालिदास अपनी रचनाओं में अलंकार युक्त और मधुर भाषा का प्रयोग किया करते थे इसके सिवाय उनके द्वारा का किया गया वर्णन विशाल है कालिदास के साहित्य का प्रमुख अंग रहा है लेकिन वह अपनी रचनाओं में आदर्शवादी परंपरा और नैतिक मूल्यों पर भी ध्यान रखते थे या दोस्तों महाकवि कालिदास के जीवन से जुड़ी कुछ बातें;l  

 कि कालिदास तारों में उनके प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं लेकिन उनकी सोच गलत थी जैसे जब विद्योत्मा ने इशारे में कालिदास को हाँथ दिखाया तो कालिदास को लगा की उन्हें थप्पड़ दिखा रही है इस लिए कालिदास ने मुक्का दिखाl  किसी तरह से सरे इशारों में किये गये प्रश्नों को सरे विद्वानों ने सही बताया और कलिदास से विद्वात्मा से विवाह करवा दी जिससे की विद्वात्मा पुरे जीवन परेशान रहेl

Conclusion: All about kalidas or mahakavi kalidas

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