Best essay on climate change in hindi 2020

essay on climate change in hindi : जैसा की आप सभी जानते हैं की जलवायु परिवर्तन पुरे विश्व भर के लिए एक बहुत बड़ा चुनौती होता जा रहा है दिन पर दिन खराब होते जलवायु के चलते पूरी दुनिया प्रभावित होती जा रही है और इससे निपटना सभी के लिए काफी मुश्किल साबित होता जा रहा है और इसको खराब करने वाले भी हमलोग ही हैं पिछली सदी के मुकाबले मौजूदा समय में जलवायु के क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ है लगभग 1.60 डिग्री फारेनहाइट से भी ज्यादा तापमान बढ़ गया हैl

जलवायु परिवर्तन किसे कहते हैं|(essay on climate change)

जलवायु परिवर्तन का मतलब किसी एक क्षेत्र की तापमान की औसत इकाई के गाड़ना के बाद जो निस्कर्स निकलता है यानि किसी क्षेत्र में किये गय लम्बे समय से किए गए गाड़ना के बाद जो तापमान में बदलाव आता है उसे जलवायु परिवर्तन कहते हैंl

essay on climate change in hindi
essay on climate change in hindi

बहुत सरे अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों का मन्ना है की पृथ्वी का तापमान बढता जा रहा है और भीते एक सदी में लगभग 1 डिग्री फारेनहाइट की बढ़ोतरी हुई है इसलिए वैज्ञानिको का कहना है की इस तरह बड़ते तापमान को रोका न गया तो यह मानव जीवन के साथ साथ और भी सरे जीवों के लिए भी बुरा सिद्ध होगाl

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पृथ्वी पर अनेक प्रकार की घटनाये घटित होती रहती है और उन घटनाओ की वजह से कई बार जलवायु परिवर्तन भी होता है लेकिन जिस प्रकार इस समय परिवर्तन हो रहा है ओ चिंता का विषय हैl

जलवायु परिवर्तन का बुरा प्रभाव किसी एक जगह नहीं बल्कि पुरे विश्व स्तर पर देखने को मिल रहा है और पुरे विश्व भर में केवल मानव जाती ही नहीं धरती पर रहने वाले सभी जीवों पर भी बुरा प्रभव देखने को मिल रहा हैl

पुरे विश्व में लगभग 35 फीसदी जीवाश्म इंधन के भंडार की खपत कर लिया है और जंगलों का एक तिहाई से भी ज्यदा भाग काटा जा चूका है ये एक बड़ा कर्ण भी है जलवायु परिवर्तन काl

जलवायु पर अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों का ये कहना है की प्रति वर्ष लगभग 10 बिलियन मीट्रिक टन कार्बन हमारे वायुमंडल में छोड़ा जा रहा है जिससे वातावरण प्रदूषित होता जा रहा हैl

जलवायु परिवर्तन के मुख्य कारण(essay on climate change in hindi)

जलवायु परिवर्तन का कोई एक कारण नहीं है इसमें कुछ प्राकृतिक तथा कुछ मानव द्वारा भौतिक सुखों के लिए किया जाने वाला काम भी हैl

  1. ज्वालामुखी:- ज्वालामुखी वे कहलाती हैं जिनकी अन्दर की दबी चट्टानें और लावा विभिन प्रकार की गैसें का निकलना जब ज्वालामुखी फटती है तब बहुत सारी गैसे निकलती हैं जैसे की कार्बनडाई आक्साइड, हैड्रोजन सल्फाइड, सल्फरडाई आक्साइड, जलवास्प इत्यादि गैसे भी भरी मात्रा में लम्बे समय तक निकल कर जलवायु को प्रदूषित करता रहता हैl
  • महासागरी धाराएं:- पृथ्वी के सतह पर खारे जल का विशाल फैलाव को महासागर कहते हैं पृथ्वी का एक तिहाई भाग जल से घिरा हुआ है जिसे सागर या महा सागर भी कहा जाता हैl जलवायु के निर्धारण में इनका योगदान महत्वपूर्ण रहता है क्योंकि लगभग 70 फीसदी क्षेत्र को महासागर ने घेर रखा हैl जब भी समुन्द्र अपना ताप आसमान में छोड़ता है तब वायुमंडल प्रभावित होता हैl इसलिए यह कह सकते हैं की महासागरी धराये जलवायु परिवर्तन में महत्पूर्ण भूमिका निभाती हैl
  • ग्रीन हाउस गैस:-धरती के चारो तरफ ग्रीन हाउस गैस की एक पार्ट बनी हुई है यह परत पृथ्वी के तापमान को संतुलित करती हैं वैज्ञानिकों की मने तो जब ये परत नहीं रहेगी तो पृथ्वी का तापमान बहुत कम हो जायेगा इसके अन्दर कुछ गैसें मिली हुई होती हैंl जैसे- कार्बन डाईआक्साइड, मीथेन, नैट्रास आक्साइड
  • कार्बन डाईआक्साइड:- ग्रीन हाउस गैस में ये एक महत्वपूर्ण गैस है वैज्ञानिको के अनुशार इस गैस का निर्माण सबसे ज्यादा इंधन जलाने से होता है कुछ आकड़ो की माने तो कार्बन डाईआक्साइड की मात्रा पुरे विश्व भर में लगभग 30 प्रतिसत की बृद्धि हुई है इसका निर्माण प्राकृतिक कारणों से भी होता हैl
  • मीथेन:- ये कार्बन डाईआक्साइड से भी ज्यादा प्रभवि ग्रीनहाउस गैस है लेकिन वातावरण में इसकी मात्र कम है जैव पदार्थो के अपघटन से निस्का निर्माण होता हैl
  • क्लोरोफ्लोर कार्बन:- ओजोन पार्ट पर इसका काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसका निर्माण रेफ्रिजरेटर और एअर कंडिशनर होता हैl

 जलवायु परिवर्तन के प्रभाव

  1. बढता तापमान:- बढ़ते तापमान का मुख्य कारन मानव द्वारा निर्मित पॉवर प्लांट, ऑटोमोबाइल, काफी तेजी से वनों की होती कटाई शहरों में बढ़ते वाहनों की संख्या और उससे निकलते धुआँ वातावरण को काफी प्रभावित करते हैंl

लगातार मौसम में गर्मी की बढ़ोतरी होती चली जा रही है गर्म हवा और बढ़ते तापमान से होने वाली बीमारी और मौत में काफी बढ़ोतरी देखि जा रही है और इसको नियंत्रण करना काफी मुस्किल साबित होता जा रहा हैl अगर इसे कम माहि किया गया तो इस सदी के अंत तक काफी सारे जिव जंतु का अंत होता चला जायेगाl

  • वर्षा का कम होना:- पिछले कुछ दिनों से हो रहे अनियमित बारिस सुखा बाढ़ जैसी समस्यायों का सामना पुरे विश्व को करना पड़ रहा है लगातार कम होती बारिस से सही खेती भी नहीं हो पा रही है कुछ जगहों पर तो सुखा पड़ता जा रहा है जिससे जलवायु काफी प्रभावित होती जा रही हैl
  • समुन्द्र के बढ़ते जल स्तर:- ग्लेशियर के लगातार पिघलने के कारन समुन्द्र में लगातार पानी का स्टार बढ़ता जा रहा है जिसके चलते पुरे विश्व में समुन्द्र के किनारे रहते लोगो का खतरा बढ़ता जा रहा है आने वाले समय में ये सभी डूब सकते हैl
  • वन्य प्राणी का नुकसान:- लगातार बढ़ते तापमान के चलते बहुत सारे वन्य जीवों का नुकशान होता जा रहा है कुछ तो ऐसे भी जिव है जिनका प्रजाति बिलकुल ख़त्म हो चुकी हैl
  • रोगों में बढ़ोतरी:- प्रतिदिन बढ़ते तापमान के चलते और अनियमित बारिस के वजह से आय दिन कोई न कोई नया रोग और वाइरस उत्पन होते जा रहे हैं जिसके कारण बहुत सरे लोग मृत्यु का शिकार होते चले जा रहे हैंl   

Conclusion: essay on climate change in hindi

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