Best essay on human rights in hindi

essay on human rights : सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर मानव के अधिकारों का रक्षा किया जाता है इसमें धार्मिक अधिकार, समाजिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकार को भी शामिल किया गया है।

मानवाधिकार का महत्व

आज के दौर में मानवाधिकार मानव के अधिकारों की रक्षा के के लिए एक बहुत ही बेहतर सुविधाओं में से एक है इसके बिना जीवन काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जिस प्रकार का अत्याचार लोगों के ऊपर बढ़ता जा रहा है ये बहुत ही निंदा योग्य बात है।

मानवाधिकार(essay on human rights)

विशव के किसी भी आजाद देश में किसी भी जाती, धर्म, लिंग, समुदाय से सम्बन्ध रखता हो वह स्वतन्त्र है अपने अधिकारों को किसी के भी सामने रख सकता है अगर हम बात करे भारत की तो देश के आजाद होने के बाद जब संबिधान कमिटी गठित हुई तो उसमें मानव अधिकारों के बारे में गहन विचार के बाद इसको सुनिश्चित किया गया की प्रत्येक मानव का अधिकार होना चाहिएl

अगर हम बुनियादी मानवाधिकारों पार नजर डालें तो प्रतेक व्यक्ति धर्म का अभ्यास और प्रचार का अधिकार, किसी भी तरह का आन्दोलन कर सकता है या उसमें भाग ले सकता हैl मानव से जुड़े प्रतेक अधिकार मानव की रक्षा करने में अहम् भूमिका निभाती हैl भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्वतंत्र गणराज्य हैl

 जिसमे किअलग अलग धर्म जाती समुदाय के मानने वाले लोग हैंl भारत का संबिधान धर्म की स्वतंत्रता को भी ध्यान में रखता है यही नहीं इस बात को देखने के लिए कार्यपालिका और न्यायपालिका भी है जो की इससे जुड़े हुए मामलो को देखता हैl

रास्ट्रीय मानवाधिकार आयोग क्या है:-

रास्ट्रीय मानवाधिकार 1993 के अंतर्गत कुछ प्रावधान किया गया है रास्ट्रीय मानवाधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए केन्द्रीय सरकार रास्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन करती हैl इस आयोग में कुल 8 सदस्य होते हैं था अध्यक्ष उचतम न्यायालय का रिटायर्ड न्याय्धिस (जज) होता हैl

essay on human rights in hindi
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सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष से ले कर के 70 वर्ष तक की होती है सदस्यों की नियुक्ति एक समिति की सिपारिस के अधार पार राष्ट्रपति के द्वारा की जाती हैl

मानवाधिकार का इतिहास:-

मानवाधिकार सार्वभौमिक घोसना संयुक्त राष्ट्र सभा के तीसरी बैठक में हुई थी यह बैठक 10 दिसंबर 1948 को फ़्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थीl पहली बैठक 1946 जबकि दूसरी बैठाक 1947 में हुई थीl  

इसलिए 10 दिसंबर 1948 को विशव मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जता हैl

इस बैठाक में 58 देशों ने भाग लिया था लेनीन मानवाधिकार आयोग के गठन के लिए इनमे से केवल 48 देशों ने समर्थन किया की मानवाधिकार आयोग का गठन होना चाहिए जबकि इनमे से 10 देशों ने इसका समर्थन नहीं कियाl

भारत के तरफ से संयुक्तराष्ट्र राष्ट्रसभा के बैठक में भाग लेने वाली हंसा मेहता थी इन्होने संविधान सभा में भी भाग लिया था संविधान सभा में कुल 15 महिलायों ने भाग लिया था जिनमे से एक हंसा मेहता भी थींl

भारतीय मानवाधिकार आयोग:-

भारतीय मानवाधिकार की स्थापना 12- 10 -1993 को हुईl

रास्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पहले अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति श्री रंग नाथ मिश्र को चुना गया इस आयोग में तिन और लोगों को रखा जाता है जिनमे एक महिला भी सामिल होती हैंl

रास्ट्रीय मानवाधिकार का मुख्यालय दिल्ली में उपस्थित हैl

 सिर्फ केंद्र में ही नहीं बल्कि राज्य में भी मानवाधिकार आयोग होता है राज्य के आयोग के लिए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति  की राजपाल तथा मुख्यमंत्री गृह मंत्री और विपक्ष के नेता के द्वारा किया जाता हैl

मानवाधिकार के कुछ अनुलेख निम्नलिखित  हैं:-

  1. सभी  मनुष्य को अधिकार के मामले में जन्म से ही स्वतन्त्रतापूर्व जीवन जीने का अधिकार
  2. सभी अधिकारों और आजादी को प्राप्त करने का हक़ इस मामले में जाती, धर्म, लिंग, भाषा इत्यादि के आधार पर किसी से भेद भाव न करनाl
  3. सभी व्यक्ति को अपने जीवन में स्वाधीनता और व्यक्तिगत सुरक्षा का अधिकार
  4. गुलामी से स्वतन्त्र
  5. किसी को बिना कीसी जुर्म के गिरफ्तन नहीं किया जा सकता या नजरबन्द या देश से निकला नहीं जा सकताl
  6. कानून के नजर में सभी लोग समान हैनं और सभी को देश के कानून का पालन करना होगाl
  7. सभी व्यक्तियों को कानून के तरफ से स्वीकृति प्राप्त अधिकार हैl
  8. देश के सभी व्यक्तियों को कानून के द्वारा दी गई अधिकारों के विरुद्ध देश के सभी अदालत में सहायता पाने का अधिकारl
  9. किसी व्यक्ति के द्वारा सताए जाने की स्थिति में किसी दुसरे देश में जाकर शरण लेने का अधिकार
  10. विवाह और परिवार का अधिकार सभी को सवतंत्र रूप से दिया गया है
  11. निजी सम्पति को रखने का अधिकार
  12. विचार और उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  13. राजगार का चुनाव करने तथा काम करने में संरक्षण का अधिकार
  14. किसी भी व्यक्ति को सभा करने और समिति बनाने का अधिकार
  15. स्वतंत्रता पूर्वक समाज के सांस्कृतिक जीवन में हिस्सा लेने का अधिकारl   

इत्यादी के आलावा भी कुछ अनुलेख है जिसका पालन किया जाता है अगर किसी भी व्यक्ति को इन अनुलेखो से जुडी हुई किसी प्रकार की समस्या होती है तो वह व्यक्ति क्रमबद्ध तरीके से राज्य मानवाधिकार आयोग की मदत ले सकता है अगर किसी करण बस उसको न्याय नहीं मिल पता है तो वह व्यक्ति केंद्र में संगठित मानवाधिकार आयोग में भी अपना शिकायत दर्ज करा सकता है उसके बाद वः अन्तारास्त्रिय स्तर पार भी अपने शिकायत को कर सकता हैl

conclusion : essay on human rights in hindi

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