Best agriculture in india essay in hindi|essay on importance of agriculture in india

भारत एक कृषि प्रधान देश है कहाँ की लगभग 80 फीसदी जनता कृषि पर आधारित है कृषि हमारे देश के लिए एक बड़ी अर्थव्यवस्था है हमारे देश के लोग कृषि पर ही आश्रित हैं आजादी के समय हमारे देश की कृषि का हाल अच्छा नहीं था लेकिन धीरे धीरे इसमे सुधार किया गया सरकार के प्रयासों के कारण उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के पहल और उस समय के कृषि मंत्री सी सुब्रमण्यम प्रयास के बाद देश में एक नई क्रांति बढ़ीl

agriculture in india essay
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 जिसका नाम हरित क्रांति रखा गया इसके जरिए गेंहू, धान, मक्का, सब्जियों, खेती पर जोर दिया जाने लगा जिससे कि देश में भुखमरी ना फैले गरीब और असहाय लोगों को भी भोजन मिल सके यही नहीं समरे संस्कृति में भी कृषि का महत्व बहुत ज्यादा है कृषि और खेती को हमारे यहाँ पूजा जाता है क्या आप जानते हैं की खेती से उपजे हुए अनाज को अनपूर्णना माता भी कहा जाता हैl पिछले 40 – 50 सालों की तुलना में आज भारत कृषि के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ चूका हैl

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 भारत दूध, गेहूं, चावल, फल, सब्जी इत्यादि उत्पादन के क्षेत्र में पहले दुसरे स्थान पर पुरे विश्व भर में स्थान लिए हुए है काफी साडी परेशनियो का का सामना सुखा, बाढ़, वज्रपात, कीडेमकोडे की वजह से काफी बहुत सरे किसान कर्ज और लोन के भर तले दबे रहते हैंl

 कुछ किसान तो आत्म हत्या भी कर लेते हैं इन साडी समस्यायों का सामना करते हुए भी हमारे देश के किसान कृषि के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान देते आ रहे हैl जिससे की देश की अर्थव्यवस्था भी बनी रहती है यही नहीं हमारे जीवन में और समाज के लिए भी कृषि का महत्वपूर्ण उपयोग है इससे राजनैतिक, समाजिक सांस्कृतिक सुरक्षा भी बनी रहती हैl

कृषि का इतिहास भी काफी पुराना रहा है आप सबने इतिहास में पढ़ा होगा या पढने पर इस बात की जानकारी मिलती है की सिन्धु घाटी सभ्यता के दौरान भी कृषि का मानव जीवन में महत्व था उस समय में कपास तथा कुछ मात्र में चावल की भी खेती की जाती थीl

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आधुनिक युग के शुरुआत से ही गेहूँ, चावल, बाजरा, अनानास, पपीता, काजू इत्यादि फल सब्जियों को नए रूप में बढ़ावा दिया गया और इनके सिचाई के लिए भी नए तरह के तकनीकी का इस्तेमाल किया गया।

भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए मिट्टी की कटाई और उत्पादक शक्तियों को बढ़ाने के क्षेत्र में भी काम किया गया।

1947 में मिले आजादी के बाद देश की स्थिति दयनीय थी उसके दो कारण थे 1943 में देश मे भीषण अकाल और पाकिस्तान के साथ युद्ध से भारत की स्थिति काफी नाजुक थी इस वजह से काफी लोग भुखमरी का शिकार भी होने लगे किसी तरह भारत के उस समय के सरकार ने इस स्थिति को संभाला और कृषि के विकास के तरफ ध्यान देते हुए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने लगे।

हमारे देश में कृषि के निम्न प्रकार हैं(agriculture in india essay)

निर्वाह कृषि:– इसका उद्देश्य ये था की लोग किसी भी तरह बैल भैसे और अन्य पशुओं की मदत से और खुद के बनाए हुए अवजारो के मदत से खेतों की जुताई करके अनाज का उत्पादन करते थे।

कृषि कार्य के लिए 2000 से पहले पशु का महत्व:- मानव को कृषि के कार्य के लिए जानवरों की जरुरत पड़ी इस लिए पशु भी पलने पड़े जिससे की भूमि की जुटी कर के खेती योग्य बनाया जा सके जिसमे अनाज आसानी से पैदा हो सके जानवर और मनुष्य दोनों ही मिलकर भूमि पर हल चलाकर उबड़ खखाबड़ भूमि को भी खेती योग्य बनाया जाता हैl  

आधुनिक युग में कृषि कार्य के लिए उपकरणों का महत्व:- आज के आधुनिक युग में पुरे विश्व में एक अलग तरह का बदलाव देखने को मिलता है इस समय लगातार नए नए टेक्नोलाजी के साथ कृषि के क्षेत्र में विकास होता जा रहा है अलग तरह के हाइब्रिड बिज का इस्तेमाल होने के कर्ण आज के दौर में खेती करना आसन होने लगा है नए उर्वरक खाद पदार्थों के मदत से पैदवार में भी काफी ब्रिधि दखने को मिल रही हैl

भारत ने 1960 के बाद से कृषि कार्य के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए हरित क्रांति,(खाद्य अन्न उत्पादन)पिली क्रांति(तिलहन के लिए) नीली क्रांति(मत्स्य पालन के लिए) इत्यादि की शुरुआत की जिससे काफी लाभ भी हुआl

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कृषि का भारत में राजनैतिक महत्व:– आज के दौर में जब भी चुनाव का समय आता है तो राज्य सर्कार हो या केंद्र सरकार किसानो को अपनी तरफ लुभाने के लिए नए नए दावे करते रहते है किसान को सुदृढ़ बनाने की बात होने लगती है इस दौरान प्याज, सब्जी, तेलहन, गन्ना इत्यादि के बारे विशेस चर्चा की जाती हैl

 क्योंकि देश की लगभग आधी से ज्यादा आबादी गावों में बस्ती है जिनका मुख्य रोजगार कृषि ही हैl विशेस कर भाजपा के सरकार में प्याज को लेकर काफी ज्यादा बहस होती है उसका मुख्य कर्ण है की जब 2004 में भाजपा सर्कार के दौरान प्याज की कीमतों में काफी तेजी देखि गई थी प्याज की कीमत लगभाग 80 रूपए प्रति किलो तक पहुँच गया थाl

कृषि समाज के लिए भी उपयोगी:- जैसा की आप सभी जानते हैं की जीवन जीने के लिए भोजन कितना जरुरी है कृषि समाजिक स्थिरता सौहार्द और प्रेम को भी बनाए रखने में मदत करता है बहुत सरे किसान एक साथ मिलकर खेती करते हैं जिससे आपसी प्रेम बना रहता है जो समाजिक व्यवस्था को बनाए रखने में अहम् भूमिका साबित होता हैl

 कृषि के मदत से कुपोसन को भी रोकने में काफी मदत मिलता है अनेक प्रकार के फल सब्जी फायदेमंद खाद्य के पैदवार के बढ़ने से लोगों के जीवन यों में भी काफी मदत मिलता है गरीब किसान पैदा हुए अनाज के मदत से अपने परिवार का पालन पोसण भी करते हैंl

निस्कर्स:- सारकार के काफी प्रयासों के बाद भी किसानो की मुस्किल कम नहीं हो पा रही है सुखा, बाढ़, ओलावृस्ति और जलवायु परिवर्तन के चलते किसानो का फसल बर्बाद होता है जिससे किसान जिनके ऊपर कृषि के लिए गए कर्ज को चूका पाना काफी मुस्किल साबित होता है कुछ किसान तो आत्महत्या भी कर लेते हैं जिस देश के विकास में कृषि प्रमुख भूमिका निभाती है उस देश के किसानो की इतनी बुरी हालत निंदनीय हैl    

Conclusion: agriculture in india essay

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